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एसकेएमयू के नौवें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के हाथों छात्र-छात्राओं को मिली उपाधि

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दीक्षांत समारोह में स्नातकोत्तर भू-विज्ञान की टाॅपर अनिता मुर्मू को उपाधि प्रदान करते राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार।

दुमका। झारखंड के राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि दीक्षांत का अर्थ शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि जीवन की नई शुरुआत है। आज छात्रों के हाथों में जो उपाधि है, वह केवल प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि उनके माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के मार्गदर्शन का प्रतीक है। राज्यपाल श्री गंगवार सोमवार को सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के नौवें दीक्षांत समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।

दीक्षांत समारोह में कुलपति प्रोफेसर डॉ.कुनूल कंदीर, पूर्व कुलपति प्रोफेसर डॉ.एम.बशीर अहमद खान, जामा विधायक डॉ.लुईस मरांडी व अन्य।

उन्होंने छात्रों से कहा कि वे समाज के लिए प्रेरणा बनें और अपने समाज, संस्कृति और राज्य के विकास में योगदान देने की जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा तभी सार्थक होगी जब छात्र झारखंड के गांव, गरीब और दलित वर्ग के उत्थान में सक्रिय योगदान देंगे। दुमका के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों के 65 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और 33 को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गयी। समारोह में संत जेवियर्स काॅलेज महारो, दुमका की गणित विभाग की छात्रा तृप्ति शोभा मरांडी को सर्वश्रेष्ठ स्नातक के रूप में सम्मानित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रोफेसर डाॅ.कुनुल कंदीर ने कहा कि दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों के छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। उन्होंने छात्राओं की बढ़ती संख्या को सकारात्मक परिवर्तन बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय लैंगिक समानता, समावेशिता और महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्ध है। शोध गतिविधियों, राष्ट्रीय सेमिनारों, अकादमिक लेखन कार्यशालाओं तथा नए जर्नल के प्रकाशन को उन्होंने उल्लेखनीय उपलब्धि बताया। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय नेट, जेट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कक्षाएं चला रहा है, जिससे छात्रों को नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की खेल उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि यहां के खिलाड़ी हैंडबॉल और वॉलीबॉल में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे है। कुलपति ने दीक्षांत समारोह में पीएचडी उपाधि प्राप्त करने वाले सभी शोधार्थियों और सभी उपाधिधारियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता संताल परगना की संघर्षशील परंपरा और शिक्षण संस्कृति की जीत है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय आने वाले वर्षों में राज्य के अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों में शामिल होगा और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। समारोह में पूर्व कुलपति प्रोफेसर डाॅ.एम.बशीर अहमद खान और जामा विधायक डाॅ.लुईस मरांडी सहित विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारी, डीन, सिंडिकेट व सीनेट सदस्य, सभी काॅलेज के प्राचार्य, शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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