जामा/दुमका। सड़क निर्माण कार्य में संवेदक की मनमानी के विरोध में ग्रामीणों ने रविवार को दुमका जिला के जामा प्रखंड अंतर्गत सिमरा पंचायत के कदलजोरिया गांव से सुनगीबाद जामा तक आक्रोश पैदल मार्च निकाला। विरोध आक्रोश पैदल
मार्च का नेतृत्व कर रहे जामा के पूर्व उप प्रमुख इंद्रकांत यादव ने बताया कि ताराजोरा सिमरा हरिणगोहाल गांव से कदरजोरिया, बसबुटीया, दुबरीकदेली, हल्दीपट्टी, भोड़ाबदार,
बेलकुपी होते हुए सुगनीबाद तक 14.5 किलोमीटर तक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति सितम्बर 2023 में हुई थी, जिसका शिलान्यास तत्कालीन दुमका सांसद सुनील सोरेन के द्वारा किया गया था।
लेकिन ठेकेदार कम्पनी त्रिरूपति कंस्ट्रक्शन द्वारा अभी तक लगभग 20 प्रतिशत ही कार्य किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार संवेदक लगातार मनमानी तरीके से कार्य कर रहा है। दो वर्ष से ज्यादा होने के बाद भी सड़क निर्माण कार्य को पूरा नहीं किया गया है। सड़क हर जगह जर्जर हालत में हैं, जिससे लोग आये दिन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों ने
बताया कि करीब एक महीना पूर्व जामा विधायक डॉ.लुईस मरांडी की पहल से कार्य शुरू हुआ था। लेकिन तीन दिन काम करने के बाद फिर से काम बंद कर दिया गया। विरोध मार्च में शामिल ग्रामीण रामयश कुमार ने कहा कि पुलिया, पीसीसी एवं गार्डवाल के निर्माण कार्य में घोर अनियमितता बरती गई है, जिसकी जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाया जाय, नहीं तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। विरोध आक्रोश मार्च में ग्रामीण मोहन राउत, अनिल टुडू, प्रदीप कुमार दर्वे, रामयश कुमार, सुजीत राउत, सुनील यादव, तारा देवी, रूपा देवी, आशा देवी, जीरा देवी, सुक्ति
देवी, रधिया देवी, चांदमनी किस्कू, सोहागनी मुर्मू, सुभाष मंडल, शिवकुमार, उपेन्द्र मंडल, ऋतिक, अरूण, जयनाथ, सत्यनारायण, रामजीत, तारणी, नरेश, भवेश कुमार, दीपक कुमार दर्वे आदि शामिल थे।
(अजय भारती की रिपोर्ट)
