सरैयाहाट : बकरी घर में छुपकर बैठा था साइबर अपराधी, पुलिस ने धर दबोचा, मामले में छह गिरफ्तार
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सरैयाहाट। सरैयाहाट पुलिस ने साइबर अपराध के मामले में थाना क्षेत्र के कोठिया गांव के रौशन शर्मा, मटिहानी के हीरो रजक, बरमनिया के टुवन दास, घघरी के करण कुमार, चन्द्रशेखर मंडल और चोराजोर गांव के निरंजन दास को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में थाना प्रभारी राजेन्द्र यादव ने बताया कि ग्राम चोराजोर निवासी नाविर दास ने सूचना दी थी कि उसके बेटे निरंजन दास (19) को रोशन शर्मा और हीरो रजक ने मेरे घर के सामने से कार से उठा कर ले गया है। इस पर खोजबीन के क्रम में कोठिया गांव में एक पंच कार (जेएच 15 एई 3306) रौशन शर्मा के घर के सामने खड़ा देखा गया,
जिसमें रौशन शर्मा और हीरो रजक नाम का दो लड़क बैठा था। गाड़ी के साथ दोनों को थाना लाया गया, जहां पूछे जाने पर दोनों ने बताया कि करण कुमार, पिता कामदेव मंडल, ग्राम घघरी, थाना सरैयाहाट, जिला दुमका जो साइबर अपराध का काम करता हैं। वह अलग-अलग खाते पर कमीशन देकर पैसा मंगवाता हैं। उसने उन दोनों से साइबर अपराध का पैसा मंगवाने के लिए किसी व्यक्ति का खाता जुगाड़ करने को कहा था। उसके बदले में हम दोनांे को कमीशन मिलता। खाता का जुगाड़ करने के लिए उक्त दोनो लड़का ने निरंजन दास से संपर्क किया तो निरंजन दास द्वारा बताया गया कि उसका ममेरा भाई टुवन दास जो सीएसपी चलाता है, हमलोग
उसके खाते में पैसा डलवाकर आसानी से निकलवा सकते हैं। लेकिन इसके लिए मुझे एवं मेरा ममेरा भाई को भी कमीशन देना होगा। रौशन शर्मा द्वारा बताया कि आज करण कुमार मुझसे संपर्क किया था और बोला था कि आज हम साईबर का काम करेगें पैसा डालने के लिए खाता नं का जुगाड़ करके रखना, इस बात का जिक्र रौशन शर्मा ने हीरो रजक से किया
और कहा कि निरंजन दास बोला था कि अगर साइबर का पैसा मंगवाना हो तो मुझे बताना। मंगलवार को निरंजन दास अपने ममेरा भाई टुवन दास से खाता नम्बर मांगा तो टुवन दास ने अपना एक्सिस बैंक, शाखा जमशेदपुर का खाता नम्बर 924010003338504 दिया। उसके बाद निरंजन दास उक्त खाता नम्बर को रौशन शर्मा को दे दिया और रौशन शर्मा ने करण कुमार को दे दिया। उसके बाद करण कुमार ने बताया कि उक्त दिये गये खाता में साइबर का 50 हजार रूपये भेजा गया है। तुमलोग अपना-अपना कमीशन रखकर बाकी पैसा हमें लाकर पहुंचा देना। तब रौशन शर्मा और हीरो रजक पंच गाड़ी से निरंजन दास के घर के पास जाकर निरंजन
दास को बुलाकर तीनो गाड़ी में बैठकर टुवन दास के घर बरमनीया गये। पैसा निकालने के लिए टुवन दास से एटीएम कार्ड और पिन नम्बर मांगकर पैसा निकालने के लिए रौशन शर्मा, हीरो रजक एवं निरंजन दास गाड़ी से कोठिया आये और कोठिया के पास एटीएम से 10 हजार रूपये निकाले। शेष पैसा नहीं निकलने लगा तो पुनः तीनो पंच गाड़ी से ही टुवन दास के घर बरमनीया गये और बरमनीया से टुवन दास को अपने साथ गाड़ी में बैठाकर गांव के आगे पुल की ओर ले गये और वहां पर टुवन दास का मोबाइल मांगकर स्कैनर के माध्यम से हीरो रजक की मां सरिता देवी के खाता में 25 हजार रूपये ट्रांसफर किया। शेष 15 हजार रूपये ट्रांसफर नहीं होने लगा तो टुवन दास अपना एटीएम कार्ड को निरंजन दास के पास ही छोड़ दिया और बोला कि दूसरे दिन पैसा निकालकर मेरा कमीशन देते हुए एटीएम कार्ड लोटा देना। और फिर कभी इस तरह का पैसा भेजना हो तो मेरा खाता पर पैसा भेजकर मेरा कमीशन दे देना। उसके बाद टुवन दास को उसका मोबाइल देते हुए उसके घर के पास उसे उतार कर तीनो पंच गाड़ी से ग्राम बरमनीया से कोठिया की ओर चल दिये एवं ग्राम कोठिया में आकर निरंजन दास को रौशन शर्मा एवं हीरो रजक ने उसके घर से थोड़ा आगे रोड पर उतार दिया। उसके बाद रौशन शर्मा और हीरो रजक पंच गाड़ी से ही अपने घर के पास गये और गाड़ी खड़ा कर करण कुमार को सूचित किया कि कुछ पैसा निकाले हैं आकर ले लो। थोड़ी देर बाद करण कुमार इन दोनों के पास आया और उसको एटीएम द्वारा निकाला हुआ 5000 रूपये दिया। करण कुमार पैसा लेकर चला गया और रौशन शर्मा एवं हीरो रजक ने 5,000 रूपये पीने खाने एवं गाड़ी में पेट्रोल डलवाने में खर्ज कर दिया। उसके बाद दोनों रौशन शर्मा के घर के पास आकर गाड़ी में बैठकर बात कर रहे थे। उसी समय वहां पुलिस पहुंच गयी। दोनांे ने पुलिस को बताया कि करण कुमार को पकड़ने पर साइबर अपराध संबंधी बहुत सी जानकारी और प्रयुक्त मोबाइल भी उसके पास मिल सकता है। उसके बाद पुलिस टीम बरमनिया गांव पहुंची। गांव में टुवन दास, पिता अरुण दास को घर पर मौजुद पाया। पूछताछ के लिए टुवन को भी थाना लाया गया। उसके बाद पुलिस ने निरंजन दास की काफी खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। उसके बाद आज पुलिस घघरी गांव करण कुमार, पिता कामदेव मंडल के घर के पास पहुंची। पुलिस को देख करण की मां ने घर को अंदर से बंद कर दिया। काफी प्रयास के बाद घर का दरवाजा खोला गया। इसके बाद पूछे जाने पर करण की मां ने बताया कि वह रांची में है। बाद में खोजबीन करने पर करण घर के आंगन में बने बकरी घर में छुपा मिला। बहुत प्रयास के बाद वह बकरी घर से बाहर निकला। करण को थाना लाने के क्रम में उसकी मां सविता देवी और उसके बड़े पापा चंद्रशेखर मंडल
ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए पुलिस के साथ धक्का-मुक्की व मारपीट भी की। थाना लाने पर करण कुमार ने साइबर अपराध करने की बात स्वीकार ली। उसने साइबर ठगी किस तरह की जाती है इसकी जानकारी देते हुए बताया कि रौशन शर्मा के द्वारा उपलब्ध कराये गये उक्त खाता में साइबर ठगी का 50 हजार रूपये जमा कराया गया था। थाना प्रभारी श्री यादव ने बताया कि गिरफ्तार किये गये सभी साइबर ठगों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। अन्य अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। उन्होंने बताया कि ठगों के पास से 5 एंड्राइड मोबाइल, घटना में प्रयुक्त पंच गाड़ी और 5000 रूपये नगद जप्त किया गया है। छापेमारी दल में सरैयाहाट थाना प्रभारी राजेन्द्र यादव के साथ पुलिस अवर निरीक्षक जय प्रकाश दास, विकेश कुमार मेहरा, नकी ईमाम खां, नेलशन निरल मानकी, नरेश कुमार महतो, सावन कुमार साहु, अनिल कुमार सिंह, सहायक अवर निरीक्षक विरेन्द्र कुमार, शलैश कुमार मिश्रा, जय प्रकाश तिवारी, रिशु कुमार ओज, आरक्षी उमाशंकर कुमार, सहायक पुलिस जयंत कुमार मोदी और राहुल गोलदार शामिल थे।
जिसमें रौशन शर्मा और हीरो रजक नाम का दो लड़क बैठा था। गाड़ी के साथ दोनों को थाना लाया गया, जहां पूछे जाने पर दोनों ने बताया कि करण कुमार, पिता कामदेव मंडल, ग्राम घघरी, थाना सरैयाहाट, जिला दुमका जो साइबर अपराध का काम करता हैं। वह अलग-अलग खाते पर कमीशन देकर पैसा मंगवाता हैं। उसने उन दोनों से साइबर अपराध का पैसा मंगवाने के लिए किसी व्यक्ति का खाता जुगाड़ करने को कहा था। उसके बदले में हम दोनांे को कमीशन मिलता। खाता का जुगाड़ करने के लिए उक्त दोनो लड़का ने निरंजन दास से संपर्क किया तो निरंजन दास द्वारा बताया गया कि उसका ममेरा भाई टुवन दास जो सीएसपी चलाता है, हमलोग
उसके खाते में पैसा डलवाकर आसानी से निकलवा सकते हैं। लेकिन इसके लिए मुझे एवं मेरा ममेरा भाई को भी कमीशन देना होगा। रौशन शर्मा द्वारा बताया कि आज करण कुमार मुझसे संपर्क किया था और बोला था कि आज हम साईबर का काम करेगें पैसा डालने के लिए खाता नं का जुगाड़ करके रखना, इस बात का जिक्र रौशन शर्मा ने हीरो रजक से किया
और कहा कि निरंजन दास बोला था कि अगर साइबर का पैसा मंगवाना हो तो मुझे बताना। मंगलवार को निरंजन दास अपने ममेरा भाई टुवन दास से खाता नम्बर मांगा तो टुवन दास ने अपना एक्सिस बैंक, शाखा जमशेदपुर का खाता नम्बर 924010003338504 दिया। उसके बाद निरंजन दास उक्त खाता नम्बर को रौशन शर्मा को दे दिया और रौशन शर्मा ने करण कुमार को दे दिया। उसके बाद करण कुमार ने बताया कि उक्त दिये गये खाता में साइबर का 50 हजार रूपये भेजा गया है। तुमलोग अपना-अपना कमीशन रखकर बाकी पैसा हमें लाकर पहुंचा देना। तब रौशन शर्मा और हीरो रजक पंच गाड़ी से निरंजन दास के घर के पास जाकर निरंजन
दास को बुलाकर तीनो गाड़ी में बैठकर टुवन दास के घर बरमनीया गये। पैसा निकालने के लिए टुवन दास से एटीएम कार्ड और पिन नम्बर मांगकर पैसा निकालने के लिए रौशन शर्मा, हीरो रजक एवं निरंजन दास गाड़ी से कोठिया आये और कोठिया के पास एटीएम से 10 हजार रूपये निकाले। शेष पैसा नहीं निकलने लगा तो पुनः तीनो पंच गाड़ी से ही टुवन दास के घर बरमनीया गये और बरमनीया से टुवन दास को अपने साथ गाड़ी में बैठाकर गांव के आगे पुल की ओर ले गये और वहां पर टुवन दास का मोबाइल मांगकर स्कैनर के माध्यम से हीरो रजक की मां सरिता देवी के खाता में 25 हजार रूपये ट्रांसफर किया। शेष 15 हजार रूपये ट्रांसफर नहीं होने लगा तो टुवन दास अपना एटीएम कार्ड को निरंजन दास के पास ही छोड़ दिया और बोला कि दूसरे दिन पैसा निकालकर मेरा कमीशन देते हुए एटीएम कार्ड लोटा देना। और फिर कभी इस तरह का पैसा भेजना हो तो मेरा खाता पर पैसा भेजकर मेरा कमीशन दे देना। उसके बाद टुवन दास को उसका मोबाइल देते हुए उसके घर के पास उसे उतार कर तीनो पंच गाड़ी से ग्राम बरमनीया से कोठिया की ओर चल दिये एवं ग्राम कोठिया में आकर निरंजन दास को रौशन शर्मा एवं हीरो रजक ने उसके घर से थोड़ा आगे रोड पर उतार दिया। उसके बाद रौशन शर्मा और हीरो रजक पंच गाड़ी से ही अपने घर के पास गये और गाड़ी खड़ा कर करण कुमार को सूचित किया कि कुछ पैसा निकाले हैं आकर ले लो। थोड़ी देर बाद करण कुमार इन दोनों के पास आया और उसको एटीएम द्वारा निकाला हुआ 5000 रूपये दिया। करण कुमार पैसा लेकर चला गया और रौशन शर्मा एवं हीरो रजक ने 5,000 रूपये पीने खाने एवं गाड़ी में पेट्रोल डलवाने में खर्ज कर दिया। उसके बाद दोनों रौशन शर्मा के घर के पास आकर गाड़ी में बैठकर बात कर रहे थे। उसी समय वहां पुलिस पहुंच गयी। दोनांे ने पुलिस को बताया कि करण कुमार को पकड़ने पर साइबर अपराध संबंधी बहुत सी जानकारी और प्रयुक्त मोबाइल भी उसके पास मिल सकता है। उसके बाद पुलिस टीम बरमनिया गांव पहुंची। गांव में टुवन दास, पिता अरुण दास को घर पर मौजुद पाया। पूछताछ के लिए टुवन को भी थाना लाया गया। उसके बाद पुलिस ने निरंजन दास की काफी खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। उसके बाद आज पुलिस घघरी गांव करण कुमार, पिता कामदेव मंडल के घर के पास पहुंची। पुलिस को देख करण की मां ने घर को अंदर से बंद कर दिया। काफी प्रयास के बाद घर का दरवाजा खोला गया। इसके बाद पूछे जाने पर करण की मां ने बताया कि वह रांची में है। बाद में खोजबीन करने पर करण घर के आंगन में बने बकरी घर में छुपा मिला। बहुत प्रयास के बाद वह बकरी घर से बाहर निकला। करण को थाना लाने के क्रम में उसकी मां सविता देवी और उसके बड़े पापा चंद्रशेखर मंडल
ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए पुलिस के साथ धक्का-मुक्की व मारपीट भी की। थाना लाने पर करण कुमार ने साइबर अपराध करने की बात स्वीकार ली। उसने साइबर ठगी किस तरह की जाती है इसकी जानकारी देते हुए बताया कि रौशन शर्मा के द्वारा उपलब्ध कराये गये उक्त खाता में साइबर ठगी का 50 हजार रूपये जमा कराया गया था। थाना प्रभारी श्री यादव ने बताया कि गिरफ्तार किये गये सभी साइबर ठगों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। अन्य अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। उन्होंने बताया कि ठगों के पास से 5 एंड्राइड मोबाइल, घटना में प्रयुक्त पंच गाड़ी और 5000 रूपये नगद जप्त किया गया है। छापेमारी दल में सरैयाहाट थाना प्रभारी राजेन्द्र यादव के साथ पुलिस अवर निरीक्षक जय प्रकाश दास, विकेश कुमार मेहरा, नकी ईमाम खां, नेलशन निरल मानकी, नरेश कुमार महतो, सावन कुमार साहु, अनिल कुमार सिंह, सहायक अवर निरीक्षक विरेन्द्र कुमार, शलैश कुमार मिश्रा, जय प्रकाश तिवारी, रिशु कुमार ओज, आरक्षी उमाशंकर कुमार, सहायक पुलिस जयंत कुमार मोदी और राहुल गोलदार शामिल थे। (सच्चिदानंद की रिपोर्ट)

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