Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
130 साल पुराना है गांदो का दुर्गा मंदिर, रानी शिवसुंदरी ने कराई थी स्थापना दुमका : दुर्गा पूजा में वार्ड 15 की सफाई व्यवस्था ठप, घरों में सड़ रहा कचरा; दुर्गंध से लोग बेहाल दुर्गा पूजा विसर्जन जुलूस में अश्लील गाने बजाने पर रोक लगाने की मांग, राष्ट्रीय बजरंग दल ने सौंपा ज्... माता-पिता के प्रति मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का सेवा और समर्पण भाव अनुकरणीय : डॉ.शम्स तबरेज़ खान मां दुर्गा के दर्शन के लिए खुले पूजा पंडालों के पट, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ माँ दुर्गा के बोधन अनुष्ठान के साथ सतन आश्रम में श्रद्धालुओं के लिए खुले मंदिर के पट हामर झारखंड रे’ गीत से दुमका की अनन्या सिन्हा ने बिखेरी झारखंड की लोकसंस्कृति की खुशबू, जल्द आएगा दु... बेथेल मिशन स्कूल में गरबा और डांडिया की धूम, पारंपरिक परिधानों में झूमे छात्र-छात्राएं दुमका में श्राद्ध के दौरान गाय को लेकर हुआ ऐसा गोलमाल कि पंडित जी के अरमानों पर फिर गया पानी! श्रद्धा और सबूरी में बसती है साईं भक्ति, लक्ष्मी दे ने व्रत पूरा होने पर श्रद्धालुओं के बीच बांटा प्...

विकास विद्यालय में बच्चों ने रंग बिरंगी संस्कृति के संग मनाया फसल कटाई उत्सव

0 146

दुमका। विकास विद्यालय, रखाबनी में सोमवार को फसल कटाई उत्सव हर्षोल्लास, उत्साह और सांस्कृतिक रंगों के बीच बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर देश की विविध संस्कृतियों की झलक से जीवंत हो उठा, जिसमें विशेष रूप से पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम की पारंपरिक विरासत को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन सभा से हुई, जहां छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर वातावरण को रंग-बिरंगा बना दिया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत भांगड़ा, बिहू और बंगाली लोकनृत्य ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। उनकी शानदार प्रस्तुतियों पर दर्शक तालियां बजाने को मजबूर हो गए। इस अवसर को और भी विशेष बनाते हुए कक्षा छह के विद्यार्थियों ने डॉ.भीमराव अंबेडकर की जयंती पर अंग्रेजी में प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किया। छात्रों ने बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया, जिससे कार्यक्रम में प्रेरणादायक वातावरण बना। समारोह का एक खास आकर्षण बच्चों द्वारा लगाया गया पारंपरिक व्यंजन रहा। बच्चों ने अपने टिफिन में मक्के की रोटी और सरसों का साग, तिल के लड्डू, बाजरा, ज्वार एवं ताजे फलों जैसे फसल कटाई से जुड़े खाद्य पदार्थ साझा किए। इस पहल ने न केवल आपसी सौहार्द बढ़ाया, बल्कि भारतीय कृषि परंपराओं के प्रति जागरूकता भी विकसित की। कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय की शिक्षिका मिकी मैम, रितिका मैम, ज्योति पंडित, प्रीति पंडित एवं मौसमी मैम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ फसल कटाई उत्सव के महत्व को भी समझा। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक नवीन मिश्रा  ने कहा कि इस प्रकार का आयोजन बच्चों में भारतीय संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.