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प्यासों के लिए लगाए प्याऊ तोड़े, सेवा भावना पर चोट से आहत हुए मधु अली खान

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दुमका। भीषण गर्मी में राहगीरों और जरूरतमंदों की प्यास बुझाने के लिए किए गए एक सराहनीय प्रयास को असामाजिक तत्वों ने ठेस पहुंचाई है। गरीब सेवा समिति के संरक्षक मधु अली खान द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर लगाए गए प्याऊ को अज्ञात लोगों ने तोड़ दिया, जिससे उनकी सेवा भावना को गहरा आघात लगा है। बताया जाता है कि मधु अली खान ने कुछ समाजसेवियों के सहयोग से गर्मी से बेहाल लोगों को राहत देने के उद्देश्य से शहर के कई स्थानों पर मिट्टी के घड़ों में ठंडे पानी की व्यवस्था करवाई थी। यह पहल खासकर उन लोगों के लिए थी, जो दिनभर मेहनत-मजदूरी करते हैं या राह चलते प्यास से परेशान रहते हैं। आज सुबह जब वे स्वयं इन प्याऊ पर पानी भरने पहुंचे, तो नजारा देखकर स्तब्ध रह गए। सभी घड़े टूटे हुए थे और पानी जमीन पर बिखरा पड़ा था। यह दृश्य देखकर उनके चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि “लोगों की सेवा के लिए किया गया यह छोटा सा प्रयास था, लेकिन इसे भी कुछ लोगों ने बर्बाद कर दिया।” इस घटना ने न केवल एक व्यक्ति की भावना को आहत किया है, बल्कि समाज में बढ़ती संवेदनहीनता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर कुछ लोग नि:स्वार्थ भाव से सेवा में लगे हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे कृत्य समाज की मानवता को शर्मसार करते हैं। समाज के जागरूक लोगों से अपील है कि वे ऐसे असामाजिक तत्वों पर नजर रखें और इस प्रकार की घटनाओं को रोकने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। जरूरत है कि हम सब मिलकर सेवा करने वालों का हौसला बढ़ाएं, न कि उनके प्रयासों को तोड़ें। पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है। ऐसे में जो लोग इस पुनीत कार्य में लगे हैं, उनका सम्मान करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी हम सबकी जिम्मेदारी है।

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