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एबीवीपी दुमका की बैठक में विश्वविद्यालय की बदहाल व्यवस्था पर उठे सवाल, 2 मई को विरोध प्रदर्शन का आह्वान

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 बैठक एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित
दुमका। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), दुमका की बैठक गुरुवार को स्थानीय जिला कार्यालय में आयोजित की गई। इस दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की गई, जिसमें विश्वविद्यालय की वर्तमान स्थिति, छात्र समस्याओं तथा प्रशासनिक भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कुलपति से प्रमुख मांगें
बैठक में सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के कुलपति से मांग की गई कि विश्वविद्यालय में कार्यरत ऐसे प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल हटाया जाए, जो भ्रष्टाचार में लिप्त हैं या जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक हो चुकी है। साथ ही, रिटायरमेंट के बाद भी कार्यरत लोगों को पदमुक्त करने तथा विश्वविद्यालय के वित्तीय विभाग की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई।
पदाधिकारियों पर सवाल
परिषद ने कहा कि कई पदाधिकारी वर्षों से एक ही पद पर बने हुए हैं, जिससे विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। ऐसे पदाधिकारियों को हटाकर योग्य एवं नए लोगों को अवसर दिया जाए, ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अनुभव मिल सके।

विश्वविद्यालय की गरिमा पर चिंता
एबीवीपी ने आरोप लगाया कि कुछ पदाधिकारियों के कारण विश्वविद्यालय की गरिमा लगातार गिर रही है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


आंदोलन का उद्देश्य 
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमन साह ने कहा कि पिछले दिनों विश्वविद्यालय परिसर में किया गया धरना-प्रदर्शन प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार, परीक्षा नियंत्रण शाखा, डीएसडब्ल्यू कार्यालय एवं अन्य उच्च पदाधिकारियों की कार्यशैली के विरोध में था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन छात्र हितों की रक्षा तथा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए है।
शिक्षकों के प्रति सम्मान
अमन साह ने कहा कि यह प्रदर्शन किसी शिक्षक के खिलाफ नहीं था। एबीवीपी सदैव शिक्षकों का सम्मान करती है और उन्हें समाज एवं राष्ट्र निर्माण का आधार मानती है। यदि किसी शिक्षक को किसी बात से ठेस पहुंची हो, तो परिषद उसका सम्मानपूर्वक खंडन करती है।


शिक्षक संघ से सहयोग की अपील
परिषद ने कहा कि उनका संघर्ष केवल भ्रष्टाचार, लापरवाही और छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ है। साथ ही, इस आंदोलन में शिक्षक संघ से सहयोग की भी अपील की गई है।
छात्रों और शिक्षकों के साथ अन्याय करने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ है यह आंदोलन 
कॉलेज मंत्री मनीष मंडल ने कहा कि यह आंदोलन उन पदाधिकारियों के खिलाफ है, जिन्होंने छात्रों और शिक्षकों दोनों के साथ अन्याय किया है। उन्होंने सभी शिक्षकों से छात्र हित एवं शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सहयोग करने का आग्रह किया।

2 मई को विरोध प्रदर्शन का आह्वान 
अनूप दत्त ने कहा कि 2 मई को विश्वविद्यालय अंतर्गत सभी महाविद्यालयों के छात्र अधिक से अधिक संख्या में विश्वविद्यालय परिसर पहुंचें। उन्होंने छात्रों से काला बिल्ला लगाकर कुलपति से मिलने और विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि एबीवीपी हमेशा छात्र और शिक्षक हित में खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी।

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