Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
रांची में राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होंगे दुमका के डॉ.सपन कुमार बकरी पालन निवेश योजना में करोड़ों की ठगी का आरोप, एसकेएमयू की असिस्टेंट प्रोफेसर की शिकायत पर एफआईआर... नोनीहाट निवासी राहुल नंदी बने मेरा युवा भारत के युवा स्वयंसेवक फेसबुक पोस्ट ने मचाई धूम, एलआईसी अभिकर्ता राजेश सिन्हा का अंदाज देख मुस्कुराए लोग जन्माष्टमी पर ग्रीन माउंट एकेडमी में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, राधा-कृष्ण से लेकर डॉक्टर-पुलिस के रूप... मां की पुण्यतिथि पर रक्तदान कर डॉ.मनोज कुमार घोष ने पेश की सेवा और संवेदना की मिसाल पूर्व गणतंत्र दिवस परेड के लिए एसकेएमयू में चयन शिविर, 22 स्वयंसेवकों का हुआ चयन श्रीकृष्णाष्टमी पर भक्तिमय होगा दुमका, मंदिरों में गूंजेगा ‘हरे कृष्ण’ का जयघोष नेपाल बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आया ग्रीन माउंट एकेडमी, निकाली सहायता रैली झामुमो नेता राजेश कुमार सिंह ने उठाई नोनीहाट बासुकीनाथ मोड़ को ‘नाग वासुकी चौक’ बनाने की मांग

श्रद्धांजलि : गुरूजी को अंतिम जोहार कहने 10 किलोमीटर पैदल चलकर नेमरा गांव पहुंचे एसकेएमयू के डाॅ.शम्स तबरेज खान

0 957
दुमका। झारखंड के पूर्व सीएम राज्यसभा सांसद दिशोम गुरू शिबू सोरेन मंगलवार को पंचतत्व में विलीन हो गये। गुरूजी का अंतिम संस्कार उनके रामगढ़ जिला के गोला प्रखंड अंतर्गत नेमरा गांव में संपन्न हुआ, जहां उनके पुत्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें मुखाग्नि दी। गुरूजी की इस अंतिम यात्रा में नेमरा गांव में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी थी। झारखंड के विभिन्न जिलों व देश के दूसरे राज्यों के साथ दुमका से भी कई लोग गुरूजी के अंतिम दर्शन व उन्हें श्रद्धांजलि देने नेमरा गांव पहुंचे थे। दुमका से नेमरा गांव पहुंचने वालों लोगों में गुरूजी के चेहतों में सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय में उर्दू विभाग के अध्यक्ष डाॅ.शम्स तबरेज खान भी शामिल थे। नेमरा पहुंचने के लिए जब झारखंड आंदोलनकारी डाॅ.खान की गाड़ी नेमरा मोड़ तक पहुंची तो वहां उनकी गाड़ी हजारों वाहनों की जाम में फंस गयी। डाॅ.खान ने बताया कि नेमरा मोड़ से नेमरा गांव की दूरी लगभग 10 किलोमीटर है। उन्हें ज्यादा पैदल चलने की आदत नहीं है, बावजूद इसके उन्होंने गुरूजी को ‘‘अंतिम जोहार’’ कहने और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए 10 किलोमीटर पैदल चलने की ठानी। इसके बाद हजारों लोगों के साथ डाॅ.खान भी पानी में भींगते हुए पैदल ही गुरूजी को श्रद्धांजलि अर्पित करने उनके पैतृक गांव नेमरा पहुंच गये। जहां उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर गुरूजी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। दिशोम गुरू शिबू सोरेन को अंतिम जोहार कहकर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद डाॅ.खान बुधवार को अहले सुबह दुमका पहुंचे है।
Leave A Reply

Your email address will not be published.