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सुप्रसिद्ध इतिहासकार डॉ.सुरेन्द्र झा के आकस्मिक निधन पर विश्वविद्यालय में शोक सभा

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दुमका। झारखंड के सुप्रसिद्ध इतिहासकार एसपी कॉलेज, दुमका के पूर्व प्रभारी प्राचार्य डॉ.सुरेन्द्र झा के निधन पर सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय में मंगलवार को एक शोकसभा का आयोजन किया गया। शोक सभा में कुलपति प्रो.कुनुल कंदिर सहित विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारी, विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, स्नातकोत्तर विभागों के अध्यक्षों, शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने डॉ.झा की तस्वीर पर पुष्प चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने संबोधन में कुलपति कंदिर ने डॉ. झा के आकस्मिक निधन को विश्वविद्यालय की अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय है। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी सेवाएं हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेंगी। इतिहास के विभागाध्यक्ष डॉ.संजीव कुमार, वित्त पदाधिकारी डॉ.संजय कुमार सिन्हा, विज्ञान के डीन डॉ. संजय कुमार सिंह, मानविकी के डीन डॉ.पीपी सिंह और कुलसचिव डॉ.राजीव रंजन ने डॉ.झा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें एक सच्चा शिक्षाविद्, मृदुभाषी, विनम्र एवं सरल स्वभाव का व्यक्ति बताया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ.झा ने अपने दीर्घ शिक्षकीय जीवन में शिक्षा जगत को समर्पित रहते हुए विद्यार्थियों व सहकर्मियों के बीच सम्मान प्राप्त किया। उनके कार्य सदैव प्रेरणादायक रहेंगे। सभा का समापन दो मिनट के मौन के साथ किया गया, जिसमें उपस्थित सभी सदस्यों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने श्रद्धांजलि स्वरूप मंगलवार को सभी कार्यालयों को बंद रखने का निर्णय लिया। साथ ही एक शोक प्रस्ताव पारित कर डॉ.झा के परिजनों को प्रेषित किए जाने का निर्णय लिया गया। गौरतलब है कि डॉ.सुरेन्द्र झा ने विश्वविद्यालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया था। वे कुछ वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हुए थे। उनका निधन 31 अगस्त को हुआ। उनके निधन से विश्वविद्यालय परिवार ने एक विद्वान शिक्षक, मार्गदर्शक और प्रेरक व्यक्तित्व को खो दिया है। उनके निधन पर विश्वविद्यालय परिवार के साथ दुमका के पत्रकारों एवं अन्य गणमान्य लोगों ने भी गहरा दु:ख प्रकट किया है। उनके आकस्मिक निधन पर शोक प्रकट करते हुए दुमका के वरिष्ठ पत्रकार सह पुरातत्वविद् पंडित अनूप कुमार वाजपेयी ने कहा है कि डॉ.सुरेन्द्र झा के निधन से इतिहास जगत् में एक बड़ा सूनापन आ गया। झारखंड के सुप्रसिद्ध इतिहासकार को मैं भावभीनी श्रद्धाञ्जलि अर्पित करता हूँ।

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