राजयोगिनी निर्मला बहन ने विकार-बुराई व लड़ाई को विदा कर नववर्ष में जन-जन को ऊँचा भाग्य बनाने की दी बधाई
रांची। नववर्ष 2026 की पूर्व संध्या पर बुधवार को अपने संदेश में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, रांची की केंद्र संचालिका राजयोगिनी निर्मला बहन ने कहा कि पुराना वर्ष बीतने के साथ-साथ अब अपने स्वार्थ व अहंकार रूपी पुराने संस्कारों को परिवर्तन कर इस संसार को बदलना है। शांति और सम्पन्नता के लिए सभी मानव से प्रार्थना करते हैं कि वे इस नये वर्ष में आध्यात्मिक शक्ति को पहचान कर पवित्रता, प्रेम, सच्चाई व खुशी के दिव्य गुणों द्वारा अपना योगदान देंगे। अब शीघ्र ही स्वर्णिम दुनिया हम सबकी नजरों के सामने होगी। आध्यात्म की अमृत वर्षा से सुखमय संसार शीघ्र आयेगा। आज के अशांत समय में भारत की ओर विश्व आशा की नजर से देख रहा है और पिता परमात्मा भी अविनाशी ज्ञान योग की सौगात मानव को प्रदान कर रहे हैं। इस नये वर्ष में अनेक चुनौतियों के बावजूद हमें नैतिक मूल्यों की पुर्नस्थापना के लिए निर्मल निःस्वार्थ सेवा भावना की कलम लगानी है ताकि भावी पीढ़ी व हमारा भविष्य नयी सुबह का नया सूरज देखे यही समय की पुकार है। इस नये वर्ष में जन-जन को ऊँचा भाग्य बनाने की बधाई और विकार-बुराई लड़ाई को विदायी।