देश में कैंसर के बढ़ते खतरे पर झामुमो नेता राजेश कुमार सिंह की पहल, पीएम नरेंद्र मोदी से की कैंसर स्क्रीनिंग को अनिवार्य करने की मांग
दुमका। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय समिति सदस्य राजेश कुमार सिंह ने देश में बढ़ते कैंसर के मामलों पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कैंसर स्क्रीनिंग को अनिवार्य करने की मांग की है। इस बावत श्री सिंह ने संताल परगना प्रमंडल के आयुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को एक भेजा है।ज्ञापन में श्री सिंह ने कहा है कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के एक शोध के अनुसार वर्ष 2025 तक भारत में कैंसर मरीजों की संख्या में करीब सात प्रतिशत तक वृद्धि होने की आशंका है। पिछले 22 वर्षों में देश में डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों की मौत कैंसर से हो चुकी है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा है कि भारत में हर वर्ष 7 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है, लेकिन इसके बावजूद देश में कैंसर की समय पर पहचान और इलाज की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। पश्चिमी देशों में जहां लगभग 70 प्रतिशत कैंसर मामलों की पहचान शुरुआती चरण में हो जाती है, वहीं भारत में करीब 90 प्रतिशत मामले अंतिम चरण में सामने आते हैं, जिससे मरीजों के इलाज की संभावना काफी कम हो जाती है।
ज्ञापन में झामुमो नेता श्री सिंह ने कहा है कि देश में कैंसर से जुड़े अनुसंधान का स्तर भी अपेक्षाकृत कम है और कई जिलों में कैंसर के आधुनिक इलाज की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। कीमोथेरेपी जैसी जरूरी चिकित्सा सुविधा भी सभी जिला मुख्यालयों में उपलब्ध नहीं है, जबकि कैंसर की दवाइयों और उपचार की लागत बहुत अधिक है। एडवांस स्टेज में दी जाने वाली इम्यूनोथेरेपी की कीमत प्रति डोज दस लाख रुपये तक पहुंच जाती है।
ज्ञापन में सुझाव दिया गया है कि 40 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए अस्पताल में आने पर कैंसर स्क्रीनिंग अनिवार्य की जाए। महिलाओं के लिए स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर की जांच तथा पुरुषों के लिए मुंह, प्रोस्टेट और लिवर कैंसर की स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा 18 से 45 वर्ष की महिलाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर का टीकाकरण अनिवार्य और निःशुल्क करने की भी मांग की गई है।
उन्होंने यह भी कहा है कि हर अस्पताल में कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, मैमोग्राफी और पैप स्मीयर जैसी जांच सुविधाओं को अनिवार्य किया जाना चाहिए। साथ ही कैंसर मरीजों के सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण और उनके मुफ्त इलाज की व्यवस्था भी सरकार को करनी चाहिए। अंत में श्री सिंह ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि देश में कैंसर की बढ़ती गंभीरता को देखते हुए कैंसर स्क्रीनिंग को अनिवार्य बनाने तथा प्रभावी नीति लागू करने पर विचार किया जाए।