दुमका। समाज में जहां अक्सर इंसानियत की कमी की बातें सुनने को मिलती हैं, वहीं दुमका के मधु अली खान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सच्ची मानवता केवल इंसानों तक सीमित नहीं होती, बल्कि बेजुबान जानवरों तक भी पहुंचती है। हर शनिवार यहां गरीबों को खाना खिलाने के लिए पहचाने जाने वाले मधु अली खान का एक अलग और भावुक रूप बुधवार को देखने को मिला। शहर के एक चापानल (हैंडपंप) के पास वे एक कुत्ते को अपने हाथों से पानी पिलाते नजर आए। खास बात यह रही कि कुत्ता भी बिल्कुल इंसानों की तरह चापानल में मुंह लगाकर पानी पी रहा था। यह दृश्य इतना अनोखा और मार्मिक था कि वहां मौजूद लोग देखते ही रह गए। पूछने पर मधु अली ने बताया कि यह कुत्ता उनके लिए सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि एक सच्चा दोस्त है। “यह हमेशा मेरे साथ रहता है। जब मैं बाइक से निकलता हूं तो यह भी मेरे पीछे-पीछे दौड़ता है। बात भी सही है। बाजार में अक्सर ऐसा देखने को मिला है, जब मधु अली खान बाइक पर चलते हैं तो यह कुत्ता भी उनके पीछे पीछे दौड़ता है। बहरहाल गरीब सेवा समिति के संरक्षक मधु अली खान की
बेजुबान से यारी का यह दृश्य समाज को संदेश देती है कि प्यार, दया और अपनापन केवल शब्द नहीं, बल्कि ऐसे कर्म हैं जो इंसान को इंसान बनाता हैं। मधु अली खान की यह पहल न केवल पशु प्रेम का उदाहरण है, बल्कि यह भी सिखाती है कि बेजुबान जानवर भी हमारे स्नेह और देखभाल के हकदार हैं। मधु अली का यह पशु प्रेम हमें याद दिलाती है कि सच्ची दोस्ती भाषा या प्रजाति की मोहताज नहीं होती, जहां दिल जुड़ता है, वहीं रिश्ता बन जाता है।
