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कुत्ता काटने की घटनाओं पर रोक के लिए जिला प्रशासन सक्रिय, बनेगा एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर

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दुमका। जिले में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या, कुत्ता काटने की घटनाओं की रोकथाम तथा रेबीज उन्मूलन कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में पशु जन्म नियंत्रण नियम, 2023 एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पशु कल्याण, आवारा कुत्तों की नसबंदी, एंटी-रेबीज टीकाकरण तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन पर विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि रेफरल पशु अस्पताल, दुमका को पशु जन्म नियंत्रण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जहां आवारा कुत्तों की नसबंदी के साथ उनका एंटी-रेबीज टीकाकरण भी सुनिश्चित किया जाएगा।उन्होंने नगर परिषद दुमका एवं नगर पंचायत बासुकिनाथ को अपने-अपने क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की पहचान कर उन्हें निर्धारित केंद्र तक पहुंचाने का निर्देश दिया। केंद्र में कुत्तों का उपचार, कृमिनाशक दवा का सेवन तथा टीकाकरण किए जाने के बाद उन्हें पुनः उसी क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। इसके साथ ही पालतू कुत्तों के अनिवार्य पंजीकरण पर भी विशेष बल दिया गया। उपायुक्त ने जिला पशुपालन पदाधिकारी को नगर निकायों के साथ समन्वय स्थापित कर आवारा कुत्तों का निवारक एंटी-रेबीज टीकाकरण सुनिश्चित करने तथा रेबीज नियंत्रण कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। वहीं सिविल सर्जन को राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सभी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-रेबीज वैक्सीन एवं रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने तथा लोगों को रेबीज से बचाव के प्रति जागरूक करने को कहा।बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, नगर परिषद दुमका के कार्यपालक पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि पशु जन्म नियंत्रण, नियमित टीकाकरण और जन जागरूकता के माध्यम से जिले में रेबीज संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा मानव एवं पशु स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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