राज्यपाल ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार और निष्पक्षता सुनिश्चित करने पर दिया जोर, प्रश्नपत्र लीक को बताया गंभीर चिंता
दुमका। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं को युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर विषय बताते हुए परीक्षा व्यवस्था में सुधार और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की अपेक्षा जताई। राज्यपाल श्री गंगवार शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झारखंड की उपराजधानी दुमका के पुलिस लाइन में आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने झंडोत्तोलन कर तिरंगे को सलामी दी। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि 15 अगस्त देश के स्वाभिमान, संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने झारखंड के वीर सपूतों भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो, तिलका मांझी और नीलांबर-पीतांबर के योगदान को भी याद किया। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए नशे से दूर रहने और समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाने का आह्वान किया। राज्यपाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण और युवाओं के रोजगार को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण, उच्च शिक्षा के विस्तार और विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं के आधुनिकीकरण पर भी काम हो रहा है। दुमका में विधि महाविद्यालय की स्थापना को भी उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, युवाओं के लिए स्वरोजगार और स्टार्टअप के अवसर बढ़ाने तथा झारखंड में निवेश को गति देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राज्य में निवेश के लिए 99 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों से जुड़े 10 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। संताल परगना को निर्यात हब के रूप में विकसित करने की योजना का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने युवाओं से स्थानीय संसाधनों, कला और प्रतिभा को उद्यमिता से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने सोहराय-कोहबर, डोकरा कला, लाह और तसर जैसे स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने की संभावनाओं पर भी जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं की घटनाएं युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं, इसलिए परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पूरी निष्पक्षता सुनिश्चित करना आवश्यक है। वहीं ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ को उन्होंने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।उन्होंने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी जरूरी है। झारखंड में पर्यटन को प्रकृति, संस्कृति और रोजगार के संगम के रूप में विकसित करने की जरूरत है। अंत में राज्यपाल ने बेटियों को आगे बढ़ाने, जनजातीय एवं वंचित समाज के विकास और युवाओं के सपनों को अवसर देने का सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया तथा परेड में शामिल जवानों की सराहना की। #####
दुमका सहित पूरे देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं!
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