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झारखंड के भोगनाडीह में बवाल, गांववालो पर क्यों दागे आंसू गैस के गोले?

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झारखंड के साहिबगंज जिले के भोगनाडीह में हुल दिवस के अवसर पर आयोजित एक आधिकारिक सरकारी समारोह से पहले प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों के एक समूह को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने सोमवार को हल्का लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। अधिकारियों ने बताया कि सिदो-कान्हू मुर्मू हुल फाउंडेशन और आतो मांझी वाशी भोगनाडीह के नेतृत्व में ग्रामीण हुल दिवस मनाने के लिए बनाए गए एक अलग मंच को जिला प्रशासन द्वारा कथित तौर पर हटाए जाने का विरोध कर रहे थे।

 

ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण गांव भोगनाडीह आदिवासी प्रतीकों सिदो और कान्हू मुर्मू का जन्मस्थान है, जिन्होंने 1855-56 में ब्रिटिश शासन के खिलाफ संथाल विद्रोह का नेतृत्व किया था। एक अधिकारी ने बताया, कुछ ग्रामीणों ने धनुष और तीर से पुलिस पर हमला किया था जिसके पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। । साहिबगंज के एसपी अमित कुमार सिंह ने कहा, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सरकारी कार्य सुचारू रूप से चल रहा है।”

इस बीच झारखंड में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज भोगनाडीह में हूल दिवस के दिन आदिवासी समाज के ऊपर लाठीचार्ज की घटना की कड़ी निंदा की। मरांडी ने आज कहा कि हूल दिवस के अवसर पर भोगनाडीह में पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और आंसू गैस के प्रयोग की घटना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। इस बर्बर कार्रवाई में कई ग्रामीण घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि साहिबगंज एसपी से दूरभाष पर पूरी घटना की जानकारी मिली है।कहा कि आज की यह बर्बरता अंग्रेज़ी हुकूमत के दौर की यादें ताज़ा कर दी है। हूल क्रांति की भूमि पर, छह पीढ़ियों के बाद एक बार फिर सिद्धो-कान्हू के वंशजों को अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध सड़क पर उतरना पड़ा है।
मरांडी ने कहा कि दरअसल, घुसपैठियों की गोद में बैठी राज्य सरकार नहीं चाहती कि झारखंड का आदिवासी समाज अपने पुरखों की वीरगाथाओं और बलिदानों से प्रेरित होकर अपनी अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित हो। उन्होंने कहा कि लेकिन सरकार की यह साजिश कभी सफल नहीं होगी। जिस तरह वीर सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो ने हूल क्रांति के माध्यम से अंग्रेजी सत्ता की नींव हिला दी थी, उसी तरह आज भोगनाडीह में लाठीचार्ज की दमनकारी घटना हेमंत सरकार के पतन का कारण सिद्ध होगी।
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