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झारखंड: हूल दिवस पर ग्रामीणों की पुलिस के साथ झड़प, आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए

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झारखंड के साहिबगंज से पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प होने का मामला सामने आया है। दोनों के बीच झड़प की घटना साहिबगंज में हूल दिवस के मौके पर सामने आई है। आक्रोशित ग्रामीणों की भीड़ को संभालने के लिए पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। अब तक की जानकारी के मुताबिक ये झड़प बिना अनुमति के कार्यक्रम आयोजित किए जाने को लेकर हुई है। दरअसल ग्रामीणों ने कार्यक्रम करने के लिए अनुमति मांगी थी, जिसे मना करने पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों में टकराव देखने को मिला।

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस झड़प और पुलिस द्वारा लाठी चार्ज करने की जानकारी अपने एक्स अकाउंट के जरिए भी दी है। उन्होंने लिखा- हूल दिवस के पावन अवसर पर भोगनाडीह में पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और आंसू गैस के प्रयोग की घटना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। आज की यह बर्बरता अंग्रेज़ी हुकूमत के दौर की यादें ताज़ा कर दी है।

उन्होंने लिखा- दरअसल, घुसपैठियों की गोद में बैठी राज्य सरकार नहीं चाहती कि झारखंड का आदिवासी समाज अपने पुरखों की वीरगाथाओं और बलिदानों से प्रेरित होकर अपनी अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित हो। लेकिन सरकार की यह साजिश कभी सफल नहीं होगी। जिस तरह वीर सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो ने हूल क्रांति के माध्यम से अंग्रेजी सत्ता की नींव हिला दी थी, उसी तरह आज भोगनाडीह में लाठीचार्ज की दमनकारी घटना हेमंत सरकार के पतन का कारण सिद्ध होगी।
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