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दुमका में निकली महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी की बाहुड़ा यात्रा में उमड़े श्रद्धालु

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दुमका। झारखंड की उपराजधानी दुमका शहर में इस्कॉन के द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्री जगन्नाथ महाप्रभु रथयात्रा महोत्सव शनिवार को बाहुड़ा यात्रा/वापसी रथयात्रा के भव्य आयोजन के साथ संपन्न हुआ। बाहुड़ा यात्रा स्थानीय डॉ.राजेन्द्र प्रसाद स्मारक स्थल से निकाली गई थी। इस स्थल को इस्कॉन ने रथयात्रा महोत्सव को लेकर मौसीबाड़ी गुंडिचा का नाम दिया था। महोत्सव के दौरान मौसीबाड़ी में आठों दिन लोग महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी की भक्ति में लीन रहे। शनिवार को शहर में निकली बाहुड़ा यात्रा में लोगों की भीड़ देखने लायक थी। बाहुड़ा यात्रा का समापन गिलान पाड़ा मोहल्ला स्थित श्री राधा माधव मंदिर पहुंचकर हुआ। 27 जून को इसी मंदिर से रथयात्रा निकाली गई थी, जो नियमानुसार आज पुनः महाप्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलराम के साथ रथ पर सवार होकर मंदिर पहुंचे। गौरतलब हैं कि दुमका में इस्कॉन का यह पहला रथयात्रा महोत्सव था। पुरी की तरह यहां भी महोत्सव में स्थानीय श्रद्धालु लगातार नौ दिन तक भगवान श्री कृष्ण की भक्ति में डूबे रहे। इस धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन इस्कॉन प्रचार केन्द्र दुमका के प्रभारी स्वामी सत्यबाक गुरुदास जी के नेतृत्व में हुआ था। स्वामी सत्यबाक इस्कॉन मंदिर पाकुड़ के अध्यक्ष भी है। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए अपने सहयोगियों के साथ समस्त दुमकावासियों का आभार प्रकट किया है। गौरतलब हैं कि रथयात्रा महोत्सव के दौरान मौसीबाड़ी में हजारों लोगों को महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी का प्रसाद ग्रहण करते देखा गया।

 

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