Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
पुण्यतिथि पर दुमका में याद की गईं मदर टेरेसा, लोगों ने दी श्रद्धांजलि ग्रीन माउंट एकेडमी में शिक्षक दिवस पर दिखी गुरु-शिष्य परंपरा की झलक बेथेल मिशन स्कूल में धूमधाम से मना शिक्षक दिवस, छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बांधा स... रांची में राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होंगे दुमका के डॉ.सपन कुमार बकरी पालन निवेश योजना में करोड़ों की ठगी का आरोप, एसकेएमयू की असिस्टेंट प्रोफेसर की शिकायत पर एफआईआर... नोनीहाट निवासी राहुल नंदी बने मेरा युवा भारत के युवा स्वयंसेवक फेसबुक पोस्ट ने मचाई धूम, एलआईसी अभिकर्ता राजेश सिन्हा का अंदाज देख मुस्कुराए लोग जन्माष्टमी पर ग्रीन माउंट एकेडमी में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, राधा-कृष्ण से लेकर डॉक्टर-पुलिस के रूप... मां की पुण्यतिथि पर रक्तदान कर डॉ.मनोज कुमार घोष ने पेश की सेवा और संवेदना की मिसाल पूर्व गणतंत्र दिवस परेड के लिए एसकेएमयू में चयन शिविर, 22 स्वयंसेवकों का हुआ चयन

जयंती पर छात्र चेतना संगठन ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

0 224
दुमका। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को छात्र चेतना संगठन के कार्यकर्ताओं ने यहां नगर थाना के समीप स्थित नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। माल्यार्पण के इस कार्यक्रम में संगठन के केन्द्रीय प्रमुख हिमांशु मिश्रा, जिला अध्यक्ष राकेश रौशन, जिला छात्रा प्रमुख मालोती टुडू, आशीष झा, पारस हिम्मतसिंहका, जयप्रकाश नारायण, फिलोमिना मरांडी, शशि कशेरा, अमित चांद, रौशन घोष, प्रेम साह, उमेष यादव, ऋषि राज, प्रत्युष कुमार, ओम सिंह आदि शामिल थे। कार्यक्रम में केन्द्रीय प्रमुख श्री मिश्रा ने नेताजी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नेताजी का नाम ही ब्रितानी सरकार के लिए खौप था। स्वतंत्रता मिलने से पूर्व ही नेताजी को विश्व के दर्जन भर से ज्यादा देशों ने भारतीय प्रधानमंत्री के रूप में उन्हें और उनके द्वारा संस्थापित आजाद हिन्द फौज को भारतीय सेना के रुप में मान्यता दे दी थी। नेताजी ने हमेशा अधिकार की बात की। अपने देश की स्वतंत्रता के लिए उन्होंने कभी भी अनुनय विनय का रास्ता नहीं चुना। उन्होंने उस समय भारत के युवाओं से आह्वान किया था कि तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा। आज भारत के युवा देश के प्रति जिम्मेदारी और ईमानदारीपूर्वक राष्ट्र प्रथम के भाव से अपना कार्य करें तो निश्चित ही भारत विश्वगुरू और सबसे बड़ी शक्ति के रुप में उभरकर सामने आयेगा।
Leave A Reply

Your email address will not be published.