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विकास विद्यालय में मना मातृ दिवस, बच्चों ने बिखेरे प्रेम, संस्कार और ममता के रंग

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दुमका। शहर के राखाबनी मोहल्ला स्थित विकास विद्यालय में शनिवार को बड़े ही भावपूर्ण, आकर्षक एवं संस्कारपूर्ण वातावरण में मातृ दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में नर्सरी से लेकर कक्षा 6 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रस्तुतियों, कलाकृतियों और गतिविधियों के माध्यम से माताओं के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। बच्चों की मासूम अभिव्यक्तियों ने पूरे विद्यालय परिसर को भावनाओं से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत सभी बच्चों द्वारा सामूहिक रूप से “मेरी माँ प्यारी माँ” गीत की प्रस्तुति से हुई। गीत की मधुर स्वर लहरियों ने ऐसा भावुक माहौल बनाया कि शिक्षक, अभिभावक और विद्यालय कर्मी भी भाव-विभोर हो उठे। विद्यालय प्रबंधन ने इस अवसर पर बच्चों को यह भी बताया कि भारत की विविध संस्कृति में माँ को अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है। कहीं “अम्मा”, कहीं “आई”, कहीं “माई” तो कहीं “अम्मी”। लेकिन हर भाषा और हर संस्कृति में माँ का प्रेम, त्याग और ममता समान रूप से पूजनीय होती है। मातृ दिवस समारोह का सबसे विशेष आकर्षण विद्यालय मैदान में बच्चों द्वारा बनाई गई विशाल कलाकृति रही, जिसमें बेहद सुंदर ढंग से “माँ” शब्द उकेरा गया। विद्यालय की ऊपरी मंजिल से इस अनोखे दृश्य को कैमरे में कैद किया गया तथा उसका वीडियो अभिभावकों के साथ साझा किया गया। वीडियो देखकर कई अभिभावक भावुक हो उठे और विद्यालय के इस अभिनव प्रयास की खुलकर सराहना की। “व्हाय आई लव माय मदर” गतिविधि के अंतर्गत बच्चों ने अपनी शिक्षिकाओं के समक्ष मासूमियत भरे शब्दों में बताया कि वे अपनी माँ से इतना प्रेम क्यों करते हैं। किसी ने माँ को अपना सबसे अच्छा दोस्त बताया तो किसी ने उन्हें अपनी दुनिया का सबसे सुरक्षित सहारा कहा। शिक्षकों ने कहा कि माँ के प्रेम को शब्दों में बाँधना कठिन है, फिर भी बच्चों की निश्छल भावनाओं ने सभी का दिल जीत लिया। नर्सरी वर्ग के नन्हे विद्यार्थियों ने “अल्थो आई एम वेरी लिटिल, बट आई लव यू सो बिग” संदेश के साथ सुंदर क्राफ्ट तैयार किए। वहीं बच्चों ने छोटे-छोटे ग्लासों पर अपनी नन्हीं हथेलियों से रंगकारी करते हुए “हैप्पी मदर्स डे” लिखकर अपनी माताओं के लिए विशेष उपहार भी बनाए। कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों ने चित्रकला के माध्यम से अपनी माताओं की मुस्कान, स्नेह और विभिन्न भावों को जीवंत रूप दिया। बच्चों ने पौधों और गमलों को सुंदर संदेशों एवं सजावट से आकर्षक बनाया। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने वारली आर्ट शैली में माताओं की पारंपरिक पोशाकों की कलात्मक प्रस्तुति देकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।वारली आर्ट प्रतियोगिता में कक्षा 5 की पारिधि कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कक्षा 1 के ऋषि पटनायक द्वितीय तथा कक्षा 5 की परी कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं। विजेता विद्यार्थियों को विद्यालय की ओर से सम्मानित भी किया गया।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों में संवेदनशीलता, संस्कार और परिवार के प्रति सम्मान की भावना विकसित करती हैं। मातृ दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजिय इस पूरे कार्यक्रम के फोटो एवं वीडियो अभिभावकों के साथ साझा किए गए, जिन्हें देखकर सभी ने विद्यालय की इस पहल की खूब प्रशंसा की।

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