गुरुजी के प्रति प्रेम और सम्मान का अनूठा भाव, श्रद्धांजलि देने नेमरा पहुंचे एसकेएमयू के डॉ.शम्स तबरेज खान

दुमका/नेमरा। पद्मभूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर आज पूरे झारखंड ने अपने जननायक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। झारखंड आंदोलन के महानायक और राज्य निर्माण के प्रणेता गुरुजी को याद करने के लिए विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। गुरुजी के प्रति अपनी गहरी आस्था, प्रेम और सम्मान को प्रकट करते हुए झारखंड आंदोलनकारी एवं सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका के स्नातकोत्तर उर्दू विभागाध्यक्ष प्रो.डॉ.शम्स तबरेज खान दुमका से उनके पैतृक गांव नेमरा पहुंचे। उन्होंने गुरुजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड अंतर्गत नेमरा गांव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुजी की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सहित उपस्थित लोगों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर

दिशोम गुरु को नमन किया। दुमका से डॉ.शम्स तबरेज खान के साथ शिकारीपाड़ा डिग्री कॉलेज के संताली विभाग के सहायक प्रोफेसर सिद्धौर हांसदा भी नेमरा पहुंचे और गुरुजी को श्रद्धांजलि दी। गौरतलब है कि राज्य सरकार से सम्मानित झारखंड आंदोलनकारी डॉ.शम्स तबरेज खान का गुरुजी से विशेष आत्मीय संबंध रहा है। पिछले वर्ष गुरुजी के निधन के बाद अंतिम जोहार कहने के लिए भी वे दुमका से नेमरा पहुंचे

थे। उस समय उन्हें करीब 10 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा था, लेकिन गुरुजी के प्रति उनके सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव ने उन्हें पीछे नहीं हटने दिया। डॉ.शम्स तबरेज खान का दुमका से नेमरा तक पहुंचना केवल एक श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि अपने प्रिय नेता, मार्गदर्शक और झारखंड आंदोलन के महानायक के प्रति उनकी अटूट निष्ठा, समर्पण, प्रेम और सम्मान का प्रतीक है।
