दुमका। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने बुधवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 की प्रगति एवं आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड के निर्देशानुसार जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य निर्धारित समय-सीमा के अनुसार चल रहा है।
प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित, दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू
उपायुक्त ने बताया कि 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। इसके साथ ही 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक मतदाताओं के लिए दावा एवं आपत्ति दर्ज कराने की अवधि शुरू हो गई है। इस दौरान पात्र मतदाता अपना नाम जोड़ने, संशोधन कराने या किसी भी प्रकार की आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
9.88 लाख मतदाताओं को बांटे गए गणना प्रपत्र
उन्होंने बताया कि जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों—07 शिकारीपाड़ा, 10 दुमका, 11 जामा एवं 12 जरमुंडी—में कुल 1,117 बीएलओ के माध्यम से 9,88,228 मतदाताओं के बीच गणना प्रपत्र का शत-प्रतिशत वितरण किया गया है। सभी गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण भी पूरा कर लिया गया है। अब तक 3,39,321 मतदाताओं (34.34 प्रतिशत) का सत्यापन स्वयं के आधार पर किया गया है, जबकि 4,81,906 मतदाताओं (48.76 प्रतिशत) का सत्यापन वंशज के आधार पर किया गया है। वहीं 1,502 मतदाताओं ने ऑनलाइन माध्यम से अपने गणना प्रपत्र जमा किए हैं।
विधानसभा वार हुई प्रगति
उपायुक्त ने बताया कि शिकारीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र में 2,33,628, दुमका में 2,56,485, जामा में 2,26,958 तथा जरमुंडी में 2,71,157 मतदाताओं के लिए गणना प्रपत्रों का वितरण किया गया है।
1.29 लाख गणना प्रपत्र मिले असंग्रहणीय
विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान जिले में 1,29,649 गणना प्रपत्र (13.12 प्रतिशत) असंग्रहणीय श्रेणी में पाए गए हैं। इनमें 32,102 मतदाता मृत, 46,149 स्थायी रूप से स्थानांतरित, 34,201 अनुपस्थित/पता नहीं/अन्य तथा 17,197 मतदाता पूर्व से नामांकित श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि इन मतदाताओं की पहचान संबंधित मतदान केंद्र के बीएलओ द्वारा की गई है। सूची को लेकर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलओ-2 से भी सहमति ली गई है।
संभावित विसंगतियों की हुई पहचान
उन्होंने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद आयोग के ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतदाता प्रविष्टियों का विश्लेषण किया गया। इसमें जिले के कुल 9,88,228 मतदाताओं में से 1,42,053 प्रविष्टियों (14.37 प्रतिशत) में संभावित विसंगतियां चिन्हित की गई हैं।
विधानसभा वार संभावित विसंगतियों में शिकारीपाड़ा में 41,549, दुमका में 38,264, जामा में 30,043 तथा जरमुंडी में 32,197 प्रविष्टियां शामिल हैं।
बीएलओ के माध्यम से मिलेगा नोटिस, होगी सुनवाई
उपायुक्त ने बताया कि संभावित विसंगति वाले मतदाताओं को ईसीआईनेट के माध्यम से तैयार नोटिस बीएलओ द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी एवं सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुनवाई कर निर्णय लिया जाएगा। यदि किसी मतदाता का दावा या आपत्ति निरस्त होती है तो वह जिला निर्वाचन पदाधिकारी या मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष अपील कर सकते हैं।
अगस्त और सितंबर में चलेगा विशेष अभियान
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशन के साथ सोशल मीडिया अभियान न्यू वोटर्स शुरू किया गया है।
8 एवं 9 अगस्त को मतदान केंद्रों पर विशेष दावा-आपत्ति शिविर लगाए जाएंगे।
15 अगस्त को पंचायत भवनों में ग्राम सभा आयोजित होगी।
22 एवं 23 अगस्त को पुनः विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
25 अगस्त से 4 सितंबर तक घर-घर मतदाता सत्यापन अभियान चलाया जाएगा।
इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना, गलत मतदान केंद्र में दर्ज नामों का सुधार करना तथा प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करना है।
मतदाताओं से नाम सत्यापन की अपील
उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने जिले के सभी मतदाताओं से अपील की कि वे प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में अपने और अपने परिवार के सभी सदस्यों के नाम अवश्य जांच लें। यदि किसी योग्य नागरिक का नाम सूची में नहीं है या किसी प्रकार की त्रुटि है तो 4 सितंबर 2026 तक निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से दावा एवं आपत्ति दर्ज कराएं। उन्होंने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची प्रत्येक मतदान केंद्र, अनुमंडल कार्यालय, संबंधित एईआरओ कार्यालय एवं नगर परिषद कार्यालय में आम नागरिकों के अवलोकन के लिए उपलब्ध है। प्रपत्र-6, 6ए, 7 एवं 8 के माध्यम से नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। यह सुविधा बीएलओ, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी कार्यालय तथा ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध है।
