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दुमका समाहरणालय में बच्चों के लिए पालना घर का शुभारंभ, कार्यरत महिलाओं को मिली बड़ी राहत

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दुमका, 06 अप्रैल। कार्यरत महिलाओं की सुविधा और छोटे बच्चों की सुरक्षित देखभाल को ध्यान में रखते हुए दुमका समाहरणालय में एक सराहनीय पहल की शुरुआत की गई है। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने समाहरणालय ब्लॉक ‘सी’ के प्रथम तल पर निर्मित पालना घर (क्रेच) का फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि यह पहल न केवल कामकाजी महिलाओं को राहत देगी, बल्कि बच्चों के समुचित पोषण, देखभाल और समग्र विकास को भी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने बताया कि पालना घर में 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और बाल अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। यहां बच्चों के लिए खेलकूद की सामग्री, आरामदायक विश्राम व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, पौष्टिक आहार, साफ-सुथरे शौचालय सहित हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और देखभाल की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। उपायुक्त ने खास तौर पर माताओं के लिए बनाए गए स्तनपान कक्ष को इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि यह स्थान पूर्णतः सुरक्षित, स्वच्छ और गोपनीयता युक्त है, जहां महिलाएं सम्मानजनक माहौल में अपने शिशुओं की देखभाल कर सकेंगी। उन्होंने इसे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के सभी प्रखंड कार्यालयों में भी इसी तरह के पालना घर स्थापित किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को इस सुविधा का लाभ मिल सके। इसके साथ ही समाहरणालय परिसर में स्पष्ट और आकर्षक संकेतक (साइनेज) लगाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि महिलाओं को पालना घर तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उपायुक्त ने पालना घर के सुचारू संचालन, नियमित निगरानी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि यह पहल तभी सफल मानी जाएगी जब यह वास्तव में महिलाओं के लिए सहायक और उपयोगी साबित हो।

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