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विकास विद्यालय में बच्चों ने रंग बिरंगी संस्कृति के संग मनाया फसल कटाई उत्सव

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दुमका। विकास विद्यालय, रखाबनी में सोमवार को फसल कटाई उत्सव हर्षोल्लास, उत्साह और सांस्कृतिक रंगों के बीच बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर देश की विविध संस्कृतियों की झलक से जीवंत हो उठा, जिसमें विशेष रूप से पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम की पारंपरिक विरासत को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन सभा से हुई, जहां छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर वातावरण को रंग-बिरंगा बना दिया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत भांगड़ा, बिहू और बंगाली लोकनृत्य ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। उनकी शानदार प्रस्तुतियों पर दर्शक तालियां बजाने को मजबूर हो गए। इस अवसर को और भी विशेष बनाते हुए कक्षा छह के विद्यार्थियों ने डॉ.भीमराव अंबेडकर की जयंती पर अंग्रेजी में प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किया। छात्रों ने बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया, जिससे कार्यक्रम में प्रेरणादायक वातावरण बना। समारोह का एक खास आकर्षण बच्चों द्वारा लगाया गया पारंपरिक व्यंजन रहा। बच्चों ने अपने टिफिन में मक्के की रोटी और सरसों का साग, तिल के लड्डू, बाजरा, ज्वार एवं ताजे फलों जैसे फसल कटाई से जुड़े खाद्य पदार्थ साझा किए। इस पहल ने न केवल आपसी सौहार्द बढ़ाया, बल्कि भारतीय कृषि परंपराओं के प्रति जागरूकता भी विकसित की। कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय की शिक्षिका मिकी मैम, रितिका मैम, ज्योति पंडित, प्रीति पंडित एवं मौसमी मैम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ फसल कटाई उत्सव के महत्व को भी समझा। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक नवीन मिश्रा  ने कहा कि इस प्रकार का आयोजन बच्चों में भारतीय संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाता है।

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