दुमका की गौरव सुमिता सिंह फिर दिखाएंगी दम, ओटीए में प्रशिक्षण को गईं ग्वालियर, बनकर लौटेंगी एनसीसी की फस्ट ऑफिसर
दुमका। एकलव्य मॉडल आवासीय बालिका विद्यालय, काठीजोरिया की प्रभारी प्राचार्य एवं एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट सुमिता सिंह 4 से 23 मई तक ग्वालियर स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में आयोजित 21 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स में भाग लेने के लिए 3 मई को दुमका से रवाना हो गईं।इस अवसर पर 4 झारखंड गर्ल्स बटालियन एनसीसी, दुमका के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अनिल यादव ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल प्रदर्शन की कामना की।

डीजी कमेंडेशन बैज से हो चुकी हैं सम्मानित
लेफ्टिनेंट सुमिता सिंह अपनी उत्कृष्ट सेवाओं और उपलब्धियों के लिए डीजी कमेंडेशन बैज से सम्मानित हो चुकी हैं। उनके कैडेट्स ने थल सेना कैंप में निशानेबाजी में गोल्ड मेडल सहित कई पदक जीतकर विद्यालय और जिले का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि के लिए उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा “प्रेसिडेंट बैज” से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा बिहार-झारखंड निदेशालय में उन्हें “मोस्ट एंटरप्राइजिंग फीमेल एएनओ” पुरस्कार से नवाजा गया है।उन्होंने 16 जनवरी से 15 अप्रैल 2017 तक ओटीए ग्वालियर में 90 दिवसीय प्री-कमीशन कोर्स सफलतापूर्वक पूरा कर एएनओ के रूप में कमीशन प्राप्त किया था। वर्ष 2019 में भी उन्होंने एक माह के रिफ्रेशर कोर्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कैंप प्लानिंग में “सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस” हासिल किया। उनके अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें सेकेंड ऑफिसर का पद भी प्रदान किया गया।
मार्शल आर्ट्स की ‘आयरन लेडी’ की अनोखी पहचान
कराटे में ब्लैक बेल्ट चतुर्थ डॉन सुमिता सिंह ने मार्शल आर्ट्स के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बनाई है। मात्र 14 वर्ष की आयु में अपने पेट पर एंबेसडर कार गुजरवाकर उन्होंने एक अनोखा कीर्तिमान स्थापित किया, जिसके बाद उन्हें “आयरन लेडी” की उपाधि मिली। इसके बाद उन्होंने टाटा 407 ट्रक को अपने पेट के ऊपर से गुजरवाकर लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान बनाया।उन्होंने तलवारों के बिस्तर पर लेटकर 2000 किलोग्राम वाहन गुजरने देना, नुकीली कीलों पर लेटकर भारी पत्थर तुड़वाना तथा तेज रफ्तार वाहनों को विपरीत दिशा में रोकने जैसे साहसिक प्रदर्शन कर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में तीन राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज किए हैं। सुमिता सिंह ने राज्य, राष्ट्रीय और एशियाई स्तर की कई प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की है और अब तक अजेय बनी हुई हैं। उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें “टाइग्रेस ऑफ बिहार”, “भीम अर्जुन”, “भारतीय गौरव” और “झारखंड गौरव” जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
