Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
पशु प्रेम की मिसाल बने नप अध्यक्ष अभिषेक चौरसिया, नन्दी के निधन पर मुंडवाया सिर और कराया श्राद्ध भोज डूमरथर स्कूल में बच्चों और अभिभावकों ने मिलकर मनाया सीखने का उत्सव, गर्मी की छुट्टियों को बनाया ज्ञा... विश्व रक्तदाता दिवस पर 14 जून को संस्था लगाएगी रक्तदान शिविर, रक्तदाताओं के सम्मान में 19 जुलाई को ह... स्वास्थ्य लाभ के बाद विश्वविद्यालय लौटीं कुलपति प्रो.कुनुल कंदीर, डॉ.शम्स तबरेज खान ने किया स्वागत दुमका में लगा शौर्य संपर्क शिविर, सेना ने सुनी भूतपूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों की समस... बिजली संकट से मिली राहत, नप अध्यक्ष अभिषेक चौरसिया ने किया ट्रांसफार्मर का उद्घाटन विश्व पर्यावरण दिवस पर राजकीय पुस्तकालय परिसर में हुआ वृक्षारोपण विश्व पर्यावरण दिवस विशेष : प्रकृति की रक्षा ही मानवता की सुरक्षा राखाबनी में गंदगी और अवैध खटाल संचालन के खिलाफ ग्रामीणों ने उठाई आवाज, आवेदन देकर आयुक्त से की कार्र... रक्तदान कर शशि रंजन शशि ने निभाया मानवता का धर्म, जरूरतमंद मरीज को दिया जीवनदान

पशु प्रेम की मिसाल बने नप अध्यक्ष अभिषेक चौरसिया, नन्दी के निधन पर मुंडवाया सिर और कराया श्राद्ध भोज

0 132
नप अध्यक्ष अभिषेक चौरसिया के नन्दी का फाइल फोटो।

दुमका। नगर परिषद् अध्यक्ष अभिषेक चौरसिया का एक ऐसा मानवीय और संवेदनशील पक्ष सामने आया है, जिसकी चर्चा पूरे शहर में हो रही है। आमतौर पर सिर पर बाल और चेहरे पर घनी दाढ़ी रखने वाले अभिषेक चौरसिया को जब लोगों ने अचानक मुंडित सिर के साथ देखा तो हर कोई हैरान रह गया। बाद में जब इसकी वजह सामने आई तो लोगों की आंखें भी नम हो गईं और उनके प्रति सम्मान और बढ़ गया। दरअसल, अभिषेक चौरसिया के परिवार का एक प्रिय बसहा बैल था, जिसे वे स्नेहपूर्वक ‘नन्दी’ कहकर पुकारते थे। वर्षों से परिवार के सदस्य की तरह साथ रह रहे नन्दी का मंगलवार को निधन हो गया। इस घटना ने उन्हें गहरे भावनात्मक रूप से झकझोर दिया। महाकाल के अनन्य भक्त अभिषेक चौरसिया ने नन्दी को केवल एक पशु नहीं, बल्कि परिवार का अभिन्न सदस्य माना। उन्होंने पूरे वैदिक विधि-विधान के साथ नन्दी का अंतिम संस्कार कराया और हवाई अड्डा के समीप अपनी निजी जमीन में उसे सम्मानपूर्वक समाधि दी। इतना ही नहीं, अपने प्रिय नन्दी के प्रति श्रद्धांजलि स्वरूप उन्होंने स्वयं सिर मुंडवाया और सभी धार्मिक परंपराओं का पालन किया। नन्दी की आत्मा की शांति के लिए उसी रात श्राद्ध भोज का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने दिवंगत नन्दी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उसकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। पशुओं के प्रति प्रेम और संवेदना की ऐसी मिसाल आज के समय में विरले ही देखने को मिलती है। जहां अधिकांश लोग पशुओं को केवल उपयोगिता के नजरिए से देखते हैं, वहीं अभिषेक चौरसिया ने यह संदेश दिया कि प्रेम, अपनापन और संवेदना केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं होती। जो रिश्ता इंसान और पशु के बीच बनता है, वह भी उतना ही गहरा और भावनात्मक हो सकता है। शहर में इस घटना की व्यापक चर्चा है। लोग इसे पशु प्रेम, करुणा और मानवीय संवेदनाओं का अद्भुत उदाहरण बता रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद् अध्यक्ष ने अपने आचरण से यह साबित किया है कि जीव मात्र के प्रति प्रेम और सम्मान ही सच्ची मानवता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.