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दुमका। कड़ाके की इस ठंड में जहां लोग नया साल का जश्न मनाने की तैयारी में जुटे थे, वहीं लगभग 80 साल की एक अत्यंत गरीब व असहाय बुजुर्ग महिला यह सोच कर दुःखी थी कि नये साल के पहले दिन उसके खाने का इंतजाम कहां से होगा, क्योंकि खाने-पीने के लिए उसके पास कुछ नहीं था। ठीक उसी समय उनकी मुलाकात दुमका के सामाजिक कार्यकर्ता राजीव रंजन से हो गयी। बात 31 दिसम्बर 2025 की है। वह बुर्जुग महिला दुमका शहर के शिवपहाड़ मंदिर के निकट रहती है। राजीव पूजा-अर्चना करने शिवपहाड़ मंदिर पहुंचे थे। मंदिर के बाहर खड़ी उक्त बुजुर्ग महिला ने जब राजीव को अपना हाल
सुनाया तो उनके अंदर का सेवा भाव व मानवता जाग उठा। फिर क्या था राजीव ने न केवल ठंड से बचने के लिए उन्हें कम्बल दिया, बल्कि अनाज के साथ खाने-पीने का हर समान इतना उपलब्ध करा दिया कि वह पूरा महीना आराम से घर में बैठकर खा सकती है। राजीव की इस दरियादिली की स्थानीय कई लोगों ने खूब सराहना की है। गौरतलब है कि सामाजिक कार्यकर्ता राजीव रंजन दुमका शहर के कुम्हार पाड़ा, रानीबगान मुहल्ला के रहने वाले है।





