Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
इस्कॉन का रथयात्रा महोत्सव : मानो दुमका में उतर आया हो मथुरा-वृंदावन मानव जीवन में रक्त का कोई विकल्प नहीं, रक्तदान है महादान : प्रधान न्यायाधीश सुरों की शाम कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश करेंगे रक्तदाताओं को सम्मानित दुमकावासियों के लिए सौभाग्य का अवसर : इस्कॉन के रथयात्रा महोत्सव में एक साथ मिल रहा नाम, कथा और श्री... लिटिल स्टेप्स पब्लिक स्कूल में स्वतंत्रता दिवस की तैयारी जोरों पर, देशभक्ति के रंग में रंगा विद्यालय... दुमका में दुर्गा स्थान, इस्कॉन और सतन आश्रम से निकली भव्य रथयात्रा, जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंजा शहर... दुःखद समाचार :  दुमका के वरीय पत्रकार पंचम झा को मातृशोक दुमका में 16 जुलाई को निकलेगी भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, मायापुर की कीर्तन टीम रहेगी आकर्ष... अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर दुमका में निकलेगी विशाल तिरंगा यात्रा, रोटी बैंक ने शुरू की तैयारी रक्तदाताओं के सम्मान में सुरों की शाम कार्यक्रम 19 को, पश्चिम बंगाल के कलाकार हिन्दी सिनेमा के मधुर ...

दुमका से कोयला डंपिंग यार्ड हटाने की मांग को लेकर उपायुक्त को दिया ज्ञापन, केंद्रीय रेल मंत्री को भी भेजी प्रतिलिपि

0 180

दुमका। उपराजधानी दुमका के रेलवे स्टेशन परिसर में संचालित कोयला डंपिंग यार्ड को हटाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। सोमवार को स्थानीय नागरिकों एवं आंदोलनकारियों ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर रेलवे साइडिंग से हो रहे प्रदूषण, स्वास्थ्य समस्याओं और जनजीवन पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों को गंभीरता से उठाया। ज्ञापन की प्रतिलिपि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को भी भेजी गई है।ज्ञापन में कहा गया है कि दुमका रेलवे स्टेशन घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित है और इसके आसपास कई प्रमुख शिक्षण संस्थान मौजूद हैं। इनमें संताल परगना महाविद्यालय, दुमका इंजीनियरिंग कॉलेज, आदित्य नारायण महाविद्यालय, पॉलिटेक्निक कॉलेज, वेस्टर्न प्लस टू स्कूल, संत मेरी स्कूल समेत कई विद्यालय शामिल हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि स्टेशन परिसर में कोयला ढुलाई और डंपिंग के कारण लगातार उड़ने वाली कोयले की धूल से विद्यार्थियों, यात्रियों और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।आवेदन में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2021 से बीजीआर कंपनी द्वारा दुमका रेलवे साइडिंग पर कोयला ढुलाई का कार्य किया जा रहा है, जबकि यात्री आवागमन वाले रेलवे स्टेशन पर इस तरह की गतिविधियां नियमों के विपरीत हैं। इससे पूरे क्षेत्र में वायु एवं ध्वनि प्रदूषण फैल रहा है। आंदोलनकारियों ने यह भी कहा कि कोल डंपिंग यार्ड के खिलाफ पिछले 75 सप्ताह से प्रत्येक रविवार को रेलवे स्टेशन परिसर में धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ज्ञापन में झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दिए गए सीटीओ (कंसेंट टू ऑपरेट) पर भी सवाल उठाए गए हैं। साथ ही राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों की अनदेखी का आरोप भी लगाया गया है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही कोयला डंपिंग यार्ड को घनी आबादी वाले क्षेत्र से हटाकर किसी निर्जन स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। आंदोलनकारियों ने फूलो-झानो चौक पर अनिश्चितकालीन धरना देने की भी बात कही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दुमका रेलवे स्टेशन को प्रदूषण मुक्त बनाने और नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अविलंब कार्रवाई की जाए। उपायुक्त को ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल में रवि शंकर मंडल के साथ विष्णु यादव,अभय गुप्ता,अर्जून कापरी, जिमी यादव, जगरनाथ पंडित और आशीष नायक शामिल थे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.