दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में दुमका में कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन, बोले जिला अध्यक्ष स्टीफन मरांडी—युवाओं की आवाज दबा नहीं सकती सरकार
दुमका। दिल्ली में छात्रों एवं युवाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज की घटना के विरोध में गुरुवार को दुमका जिला कांग्रेस कमिटी ने स्थानीय सिंधी चौक पर धरना-प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष स्टीफन मरांडी ने की। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली की घटना की निंदा करते हुए छात्रों एवं युवाओं के अधिकारों की रक्षा की मांग की।धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष स्टीफन मरांडी ने कहा कि दिल्ली में अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे युवाओं पर लाठीचार्ज करना लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने कहा कि एक छात्र दिन-रात 18 से 20 घंटे तक मेहनत कर पढ़ाई करता है और उसके माता-पिता भी अपनी पूरी जिंदगी की उम्मीदें उसके भविष्य से जोड़ देते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं
मेहनती छात्रों के सपनों को चकनाचूर कर उन्हें मानसिक रूप से तोड़ने और आत्महत्या जैसे कदमों की ओर धकेलने का काम करती हैं। उन्होंने कहा कि देश के युवा अब अपनी आवाज संसद से लेकर सड़कों तक बुलंद कर रहे हैं। युवाओं के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज की घटना की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं के इस आंदोलन का समर्थन करती है और उनके अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। प्रदर्शन के बाद मो.फरीद, मौसमी कुमारी और नगमा खातून ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इसके बाद कांग्रेस कमिटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से संबंधित ज्ञापन दुमका के उपायुक्त अभिजीत सिन्हा को सौंपा। कार्यक्रम में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव श्यामल किशोर सिंह, प्रदेश सचिव अरबी खातून एवं संजीत सिंह, संयुक्त सचिव रोमी इमाम, जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष मनोज अंबष्ट, प्रेम कुमार साह, महबूब आलम, शहरोज शेख, टिंकू अली इमाम, सागेन मुर्मू, सुनील किस्कू, विलियम टुडू, तोबियस मुर्मू, राजेश्वर किस्कू, श्याम सुंदर भगत, रोहित रंजन, मो.अनवर, धनी राम बास्की, दशरत मंडल, एल्बिनुस किस्कू, गणेश सोरेन, पॉल हांसदा आदि उपस्थित थे।
