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बहुड़ा यात्रा : भगवान श्री जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने का है दुर्लभ अवसर

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दुमका। इस्कॉन द्वारा यहां बांधपाड़ा स्थित मौसी बाड़ी (डॉ. राजेन्द्र प्रसाद स्मारक स्थल) में 16 जुलाई से आयोजित श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव का शुक्रवार को बहुड़ा यात्रा के साथ भव्य समापन होगा। बहुड़ा यात्रा को आम बोलचाल की भाषा में भगवान श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान श्री बलराम की वापसी या उल्टा रथ यात्रा कहा जाता है। यह यात्रा कल दोपहर 12 बजे प्रारंभ होगी। बहुड़ा यात्रा के दौरान भगवान श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान श्री बलराम रथ पर सवार होकर मौसी बाड़ी से वापस अपने धाम की ओर प्रस्थान करेंगे। श्रद्धालु भक्तिभाव से रथ को खींचते हुए गिलानपाड़ा स्थित श्री राधा माधव मंदिर पहुंचेंगे। इसी स्थान से 16 जुलाई को पूरे धूमधाम और भक्तिभाव के साथ भगवान की रथ यात्रा निकली थी। इस्कॉन दुमका के प्रभारी सत्यबाक गुरुदास प्रभु के अनुसार, बहुड़ा यात्रा केवल भगवान के वापस लौटने की परंपरा नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के बीच प्रेम, समर्पण और आध्यात्मिक जुड़ाव का अद्भुत पर्व है। रथ यात्रा के दौरान भगवान स्वयं मंदिर से बाहर निकलकर अपने भक्तों के बीच आते हैं और बहुड़ा यात्रा में पुनः अपने धाम लौटते हैं। मान्यता है कि इस पावन यात्रा में श्रद्धा और भक्ति के साथ शामिल होना भगवान श्री जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर है। उन्होंने बताया कि रथ की रस्सी खींचना भी आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। भक्त जब एक साथ भगवान के रथ को खींचते हैं, तो यह उनके अहंकार को त्यागकर स्वयं को भगवान की शरण में समर्पित करने का प्रतीक बन जाता है। इस दौरान हरिनाम संकीर्तन, भजन और भगवान के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठता है। इस्कॉन की ओर से श्रद्धालुओं से बहुड़ा यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर भगवान श्री जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की गई है। आयोजन समिति के अनुसार, बहुड़ा यात्रा के साथ इस वर्ष का रथ यात्रा महोत्सव भक्तों के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बनकर संपन्न होगा।

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