दुमका। विद्या विकास समिति के द्वारा 24 अगस्त को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, दुमका में एक दिवसीय सप्तशक्ति संगम कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदना सभा में मुख्य अतिथि लोहरदगा की जिला संयोजिका कविता चौधरी, देवघर विभाग प्रमुख सुरेश मंडल, विद्यालय प्रबंधन समिति की सचिव व दुमका जिला संयोजिका उमा भारती, दुमका जिला सह संयोजिका सूरूजमुनी, गायत्री जयसवाल एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य कुमार विमलेश ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। चार सत्रों में आयोजित इस कार्यशाला के प्रथम सत्र में गीत, संस्कृत वंदना के पश्चात आचार्या श्वेता के द्वारा अतिथियों का परिचय कराया गया। उसके बाद विद्यालय की आचार्या कविता के द्वारा अतिथियों का सम्मान किया गया। दूसरे सत्र मे लोहरदगा की जिला संयोजिका कविता के द्वारा सप्तशक्ति संगम की विस्तृत जानकारी विभिन्न विद्यालयों से पधारे आचार्या को दी गई। इसके तहत सप्तशक्ति के सात विषय कृति, श्री, वाक्, स्मृति, मेघा, धैर्य, क्षमा को विस्तारपूर्वक बताया गया। सामाजिक कार्यों से संबंधित समाज में कैसे जागरूकता लाई जाए इसके बारे में भी बताया गया। विभिन्न विद्यालयों के आचार्यों के बीच प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया, जिसमें उन सभी से कार्यशाला से संबंधित प्रश्न पूछे गए जिनका कार्यक्रम में उपस्थित दीदी के द्वारा सही उत्तर दिया गया और उनके बीच पुरस्कारों का वितरण किया गया। प्रत्येक कार्यक्रम में माताओं का सम्मान कैसे करना है और किन माताओ का सम्मान करना है यह भी बताया गया।
तृतीय सत्र में संकुल सह की बैठक की गई, जिसमें प्रत्येक विद्यालय के प्रधानाचार्यों के द्वारा अपने विद्यालय के सभी दीदी के साथ कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर उसका विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। अंतिम सत्र में माता एवं बहनों की शंका समाधान कैसे करना है और उनके अनुभव कथन के बारे में बताया गया। आभार ज्ञापन विद्यालय के प्रधानाचार्य कुमार विमलेश के द्वारा तथा संकल्प लोहरदगा की जिला संयोजिका कविता के द्वारा कराया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के 25 से अधिक आचार्याओं तथा तीन विद्यालय के प्रधानाचार्य- कुमार विमलेश, रविंद्र कुमार मधुप और कलम हेंब्रम उपस्थित थे। #####
