दुमका/साहिबगंज। मॉडल कॉलेज राजमहल में 10 एवं 11 अप्रैल 2026 को “Developing Countries में Skill Development के लिए AI” विषय पर दो दिवसीय बहु-विषयक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। यह संगोष्ठी सिदो कान्हु मुर्मु विश्वविद्यालय, दुमका के अधीन आयोजित हो रही है, जिसमें देश-विदेश के शिक्षाविद, शोधकर्ता और विशेषज्ञ भाग लेंगे। इस संगोष्ठी का आयोजन अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, धनबाद के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विकासशील देशों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के माध्यम से कौशल विकास, शिक्षा और रोजगार के नए अवसरों पर विचार-विमर्श करना है। कार्यक्रम के संरक्षक विश्वविद्यालय के कुलपति होंगे, जबकि संरक्षक मंडल में कुलपति के प्रतिनिधि एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहेंगे। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि के रूप में Excel Geomatics Pvt. Ltd., नोएडा के सह-संस्थापक एवं CEO डॉ.राजेश सोलोमन पॉल उपस्थित रहेंगे। वहीं, मॉडल कॉलेज राजमहल के प्राचार्य डॉ.रणजीत कुमार सिंह इस आयोजन के अध्यक्ष एवं संयोजक की भूमिका निभाएंगे। प्राचार्य डॉ.सिंह के अनुसार संगोष्ठी में नेपाल सहित विभिन्न देशों के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी भाग लेंगे। अंतरराष्ट्रीय संसाधन व्यक्ति के रूप में त्रिभुवन विश्वविद्यालय, काठमांडू के प्रोफेसर (सेवानिवृत्त) डॉ.राधेश्याम प्रधान अपनी विशेष व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे।

संगोष्ठी में इन प्रमुख विषयों पर होगी चर्चा
संगोष्ठी में AI आधारित डिजिटल शिक्षा, रोजगार उन्मुख कौशल विकास, ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल उन्नयन, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा में AI का उपयोग, स्टार्टअप एवं उद्यमिता तथा कौशल मूल्यांकन एवं प्रमाणन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
शोध पत्र आमंत्रित
आयोजन समिति ने शोधार्थियों एवं शिक्षकों से शोध पत्र आमंत्रित किए हैं। सार (Abstract) जमा करने की अंतिम तिथि 3 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है, जबकि पूर्ण शोध पत्र 9 अप्रैल तक जमा किए जा सकते हैं। चयनित शोध पत्रों को प्रकाशित भी किया जाएगा तथा उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।
पंजीकरण व अन्य जानकारी
संगोष्ठी में भाग लेने के लिए शिक्षकों, शोधार्थियों एवं छात्रों के लिए अलग-अलग पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है। इच्छुक प्रतिभागी ईमेल के माध्यम से अपना शोध पत्र भेज सकते हैं। इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के माध्यम से क्षेत्र में शिक्षा, तकनीक और कौशल विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
