Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
महिला थाना में काउंसलिंग, छह मामलों में दोनों पक्षों के बीच हुआ आपसी समझौता दुमका फोटोग्राफिक एसोसिएशन का चुनाव संपन्न, कुमार रिपुल अध्यक्ष, रवि कुमार सचिव और मोहम्मद मुस्तफा ब... परीक्षा विभाग की अनियमितताओं को लेकर विद्यार्थी परिषद् ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन, 14 सितंबर तक का दि... गुरुदेव श्री श्री रविशंकर से जुड़े एसकेएमयू के शिक्षक-पदाधिकारी, मिला तनावमुक्त जीवन और सकारात्मक सो... गणेश महोत्सव : न जमीन, न आसन, हवा में विराजेंगे गणपति बप्पा; दुमका के बाँध पाड़ा में दिखेगी 20 फीट क... दुमका की अरबी खातून बनीं जरमुंडी विधानसभा कांग्रेस प्रभारी, महेश राम चंद्रवंशी को पोड़ैयाहाट और संजी... दुमका में रक्त की उपलब्धता बढ़ाने के लिए चलेगा प्रोजेक्ट रक्त संचयन अभियान नेपाल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दुमका में रोटी बैंक ने चलाया राहत सहयोग अभियान हनुमान चालीसा में छिपा है भक्ति का महासागर, पाठ से मिलता है अनेक देवी-देवताओं और संतों का आशीर्वाद शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार के निधन पर कल बंद रहेंगे दुमका के सभी स्कूल

बहुड़ा यात्रा : भगवान श्री जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने का है दुर्लभ अवसर

0 125

दुमका। इस्कॉन द्वारा यहां बांधपाड़ा स्थित मौसी बाड़ी (डॉ. राजेन्द्र प्रसाद स्मारक स्थल) में 16 जुलाई से आयोजित श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव का शुक्रवार को बहुड़ा यात्रा के साथ भव्य समापन होगा। बहुड़ा यात्रा को आम बोलचाल की भाषा में भगवान श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान श्री बलराम की वापसी या उल्टा रथ यात्रा कहा जाता है। यह यात्रा कल दोपहर 12 बजे प्रारंभ होगी। बहुड़ा यात्रा के दौरान भगवान श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान श्री बलराम रथ पर सवार होकर मौसी बाड़ी से वापस अपने धाम की ओर प्रस्थान करेंगे। श्रद्धालु भक्तिभाव से रथ को खींचते हुए गिलानपाड़ा स्थित श्री राधा माधव मंदिर पहुंचेंगे। इसी स्थान से 16 जुलाई को पूरे धूमधाम और भक्तिभाव के साथ भगवान की रथ यात्रा निकली थी। इस्कॉन दुमका के प्रभारी सत्यबाक गुरुदास प्रभु के अनुसार, बहुड़ा यात्रा केवल भगवान के वापस लौटने की परंपरा नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के बीच प्रेम, समर्पण और आध्यात्मिक जुड़ाव का अद्भुत पर्व है। रथ यात्रा के दौरान भगवान स्वयं मंदिर से बाहर निकलकर अपने भक्तों के बीच आते हैं और बहुड़ा यात्रा में पुनः अपने धाम लौटते हैं। मान्यता है कि इस पावन यात्रा में श्रद्धा और भक्ति के साथ शामिल होना भगवान श्री जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर है। उन्होंने बताया कि रथ की रस्सी खींचना भी आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। भक्त जब एक साथ भगवान के रथ को खींचते हैं, तो यह उनके अहंकार को त्यागकर स्वयं को भगवान की शरण में समर्पित करने का प्रतीक बन जाता है। इस दौरान हरिनाम संकीर्तन, भजन और भगवान के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठता है। इस्कॉन की ओर से श्रद्धालुओं से बहुड़ा यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर भगवान श्री जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की गई है। आयोजन समिति के अनुसार, बहुड़ा यात्रा के साथ इस वर्ष का रथ यात्रा महोत्सव भक्तों के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बनकर संपन्न होगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.